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Showing posts from September, 2024

शिव जी बोलो तो सही आंखें खोलो तो सही || Shiv Ji Bolo To Sahi || Shiv Stuti || Shiv Bhajan || Shiv Keertan

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शिव जी बोलो तो सही आंखें खोलो तो सही || Shiv Ji Bolo To Sahi || Shiv Stuti || Shiv Bhajan || Shiv Keertan   शिव जी बोलो तो सही आंखें खोलो तो सही आपकी शरण में दासी कब से खड़ी आप नहीं बोलेंगे तो मैं गंगा बन जाउंगी गंगा बन जाउंगी जटा में रम जाउंगी   शिव जी बोलो तो सही आंखें खोलो तो सही आपकी शरण में दासी कब से खड़ी आप नहीं बोलेंगे तो मैं चन्दा बन जाउंगी चन्दा बन जाउंगी मस्तक में रम जाउंगी   शिव जी बोलो तो सही आंखें खोलो तो सही आपकी शरण में दासी कब से खड़ी आप नहीं बोलेंगे तो मैं बिच्छू बन जाउंगी बिच्छू बन जाउंगी कानों से लग जाउंगी शिव जी बोलो तो सही आंखें खोलो तो सही आपकी शरण में दासी कब से खड़ी आप नहीं बोलेंगे तो मैं सर्प बन जाउंगी सर्प बन जाउंगी गले से लग जाउंगी शिव जी बोलो तो सही आंखें खोलो तो सही आपकी शरण में दासी कब से खड़ी आप नहीं बोलेंगे तो मैं बाघाम्बर बन जाउंगी बाघाम्बर बन जाउंगी अंगों से लग जाउंगी शिव जी बोलो तो सही आंखें खोलो तो सही आपकी शरण में दासी कब से खड़ी ...

गणपति को लग गयी नजरिया हो || Ganapati ko lag gayi najariya ho || Ganesh Stuti || Ganesh Vandana || Ganesh Geet || Ganesh Bhajan

गणपति को लग गयी नजरिया हो || Ganapati ko lag gayi najariya ho || Ganesh Stuti || Ganesh Vandana   गणपति को लग गयी नजरिया हो गौरा काजल लगाय दो -2   गणपति को देखन शंकर जी आये गौरा की लग गयी नजरिया हो गौरा काजल लगा दो -2 गणपति को देखन विष्णु जी आये लक्ष्मी की लग गयी नजरिया हो गौरा काजल लगा दो-2 गणपति को देखन कृष्णा जी आये राधा की लग गयी नजरिया हो गौरा काजल लगा दो-2 गणपति को देखन राम जी आये सीता की लग गयी नजरिया हो गौरा काजल लगा दो। -2

देवकी के कोखिया से जनमल कृष्ण कन्हैया रे Devaki Ke Kokhiya Se Janamal Krishna Kanhaiya Re - Krishna Bhajan Lyrics in Hindi

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देवकी के कोखिया  से जनमल कृष्ण कन्हैया रे // Devaki Ke Kokhiya Se Janamal Krishna Kanhaiya Re // Krishna Bhajan Lyrics in Hindi   देवकी के कोखिया से जनमल कृष्ण कन्हैया रे । देवकी के कोखिया से जनमल कृष्ण कन्हैया रे । ललना रे विधि के लिखल संजोग यशोदा भइली मैया रे।। ललना रे विधि के लिखल संजोग यशोदा भइली मैया रे।। जेहल में जननी के नोर देवकी के लाल दूर गइले रे। जेहल में जननी के नोर देवकी के लाल दूर गइले रे। ललना रे सोचि क केलथि संतोख नेना के प्राण बचि गइल रे।। ललना रे सोचि क केलथि संतोख नेना के प्राण बचि गइल रे।। पुलकित नन्द के दुआरि जनम लेले बालक रे। पुलकित नन्द के दुआरि जनम लेले बालक रे। ललना रे देखू सखी रूप निहारि देखथि मैया अपलक रे।। ललना रे देखू सखी रूप निहारि देखथि मैया अपलक रे।। दीनघर बसन के दान कि संगे अन्न द्रव दान रे। दीनघर बसन के दान कि संगे अन्न द्रव दान रे। ललना रे गोकुला मे नवल विहान बढ़ल नन्द-वंश मान रे।। ललना रे गोकुला मे नवल विहान बढ़ल नन्द-वंश मान रे।। सुनू सुनू माय यशोदा जीबहु पूत तोहर रे। सुनू सुनू माय यशोदा जीबहु पूत तो...

हवन गीत लिरिक्‍स || Havan Geet || होम गीत || Hom Geet || हवन गीत भजन || Havan Geet Bhajan || अमवा की डाली लाई बगिया से तोड़के || Amawa Ki Dali Laayi Bagiya Se Tod Ke

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हवन गीत लिरिक्‍स || Havan Geet || होम गीत || Hom Geet || हवन गीत भजन || Havan Geet Bhajan || अमवा की डाली लाई बगिया से तोड़के || Amawa Ki Dali Laayi Bagiya Se Tod Ke       तर्ज - ये गोटेदार लहंगा निकलूं मैं डाल के    अमवा की डाली लाई बगिया से तोड़के। हवन कराऊं मैया दोनों हाथ जोड़ के॥ अमवा की डाली लाई बगिया से तोड़के। हवन कराऊं मैया दोनों हाथ जोड़ के॥   ब्रह्मा बुलाये संग में विष्णु भी आए। ब्रह्मा बुलाये संग में विष्णु भी आए। लक्ष्मी मैया को बुलाऊं दोनों हाथ जोड़के।। लक्ष्मी मैया को बुलाऊं दोनों हाथ जोड़के।।    अमवा की डाली लाई बगिया से तोड़के। अमवा की डाली लाई बगिया से तोड़के। हवन कराऊं मैया दोनों हाथ जोड़ के॥ हवन कराऊं मैया दोनों हाथ जोड़ के॥   भोले बुलाये संग में गणपत भी आए। भोले बुलाये संग में गणपत भी आए। गोरा मैया को बुलाऊं दोनों हाथ जोड़के।। गोरा मैया को बुलाऊं दोनों हाथ जोड़के।।   अमवा की डाली लाई बगिया से तोड़के। अमवा की डाली लाई बगिया से तोड़के। हवन कराऊं मैया दोन...

Badi Ho Rahi Jai Jai Kaar O Raahi Mandirwa Maa - Lyrics

Badi Ho Rahi Jai Jai Kaar O Raahi Mandirwa Maa - Lyrics   Badi Ho Rahi Jai Jai Kaar O Raahi Mandirwa Maa Badi Ho Rahi Jai Jai Kaar O Raahi Mandirwa Maa Pawan Jyoti Ki Laage Katar Maayi Tore Mandirwa Maa Badi Ho Rahi Jai Jai Kaar O Raahi Mandirwa Maa Vatsala Mata Kahe Bhakt Maa Mela Lage Hai Bhari Maiyya Mela Lage Hai Bhari Maiyya Gam Ke Sataye Dukh Ke Maare Aate Hai Lachari Maiyya Aate Hai Lachari Maiyya Door Door Se Bhagat Maa Aaye Lumbi Laage katar Mayi Tore Mandirwa Maa Badi Ho Rahi Jai Jai Kaar O Raahi Mandirwa Maa Nav Roopo Ki Maharani Jhaki Tori Nirali Maiyya Jyoti Teri Dam Dam Damke Kahte Khapparwali Maiyya Kahte Khapparwali Maiyya Jai Mata Di Vani Goonje Sancha Tera Darbar Mayi Tore Mandirwa Maa Badi Ho Rahi Jai Jai Kaar O Raahi Mandirwa Maa Nagpur Maiyya Mahima Badi Nirali Mahima Badi Nirali Maiyya Mahima Badi Nirali Maiyya Isse Nagpur Maiyya Aur Kahte O Raahi Maiyya Sita Ram Ne Pooja Kare Maa Charan Rahe Pakhar Mayi Tore Mandirwa Maa Badi Ho Rahi Jai Jai Kaar O Raah...

Shri Vindheshwari Chalisa Lyrics in English & Hindi

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  Shri Vindheshwari (Vindhyachal) Chalisa Lyrics in English   DOHA Namo namo vindhyeshvari namo namo jagadamba. Santajanon ke kaaja men karati nahin vilamba. Jaya jaya jaya vindhyaachala raani aadi shakti jaga vidita bhavaani.  Sinhavaahini jai jaga maataa jaya jaya jaya tribhuvana sukhadaataa.  Kashta nivaarini jaya jaga devi jaya jaya jaya jaya asuraasura sevi.  Mahimaa amita apaara tumhaari shesha sahasa mukha varnata haari. Dinana ke duhkha harata bhavaani nahin dekhyo tuma sama koi daani.  Saba kara manasaa puravata maataa mahimaa amita jagata vikhyaataa.  Jo jana dhyaana tumhaaro laavai so turatahi vaanchhita phala paavai. Tuu hi vaishnavi tuu hi rudraani tuu hi shaaradaa aru brahmaani.  Ramaa raadhikaa shaamaa kaali tuu hi maata santana pratipaali.  Umaa maadhavi chandi jvaalaa begi mohi para hohu dayaalaa.  Tuu hi hingalaaja mahaaraani tuu hi shitalaa aru vgyaani.  Durgaa durga vinaashini ...

BRIHASPATIVAR VRAT KATHA AND AARTI

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बृहस्पति देव / बृहस्पतिवार व्रत कथा  | बृहस्पतिवार व्रत माहात्म्य एवं विधि (Vidhi)       इस व्रत को करने से समस्त इच्छएं पूर्ण होती है और वृहस्पति महाराज प्रसन्न होते है । धन, विघा, पुत्र तथा मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है । परिवार में सुख तथा शांति रहती है । इसलिये यह व्रत सर्वश्रेष्ठ और अतिफलदायक है । इस व्रत में केले का पूजन ही करें । कथा और पूजन के समय मन, कर्म और वचन से शुद्घ होकर मनोकामना पूर्ति के लिये वृहस्पतिदेव से प्रार्थना करनी चाहिये । दिन में एक समय ही भोजन करें । भोजन चने की दाल आदि का करें, नमक न खाएं, पीले वस्त्र पहनें, पीले फलों का प्रयोग करें, पीले चंदन से पूजन करें । पूजन के बाद भगवान वृहस्पति की कथा सुननी चाहिये ।   बृहस्पतिवार व्रत कथा (Vrat- Katha) प्राचीन समय की बात है – एक बड़ा प्रतापी तथा दानी राजा था । वह प्रत्येक गुरुवार को व्रत रखता एवं पूजा करता था । यह उसकी रानी को अच्छा न लगता । न वह व्रत करती और न ही किसी को एक पैसा दान में देती । राजा को भी ऐसा करने से मना किया करती । एक समय की बात है कि राजा शिकार...