देवकी के कोखिया से जनमल कृष्ण कन्हैया रे Devaki Ke Kokhiya Se Janamal Krishna Kanhaiya Re - Krishna Bhajan Lyrics in Hindi

देवकी के कोखिया  से जनमल कृष्ण कन्हैया रे // Devaki Ke Kokhiya Se Janamal Krishna Kanhaiya Re // Krishna Bhajan Lyrics in Hindi

 

देवकी के कोखिया से जनमल कृष्ण कन्हैया रे ।

देवकी के कोखिया से जनमल कृष्ण कन्हैया रे ।

ललना रे विधि के लिखल संजोग यशोदा भइली मैया रे।।

ललना रे विधि के लिखल संजोग यशोदा भइली मैया रे।।


जेहल में जननी के नोर देवकी के लाल दूर गइले रे।

जेहल में जननी के नोर देवकी के लाल दूर गइले रे।

ललना रे सोचि क केलथि संतोख नेना के प्राण बचि गइल रे।।

ललना रे सोचि क केलथि संतोख नेना के प्राण बचि गइल रे।।


पुलकित नन्द के दुआरि जनम लेले बालक रे।

पुलकित नन्द के दुआरि जनम लेले बालक रे।

ललना रे देखू सखी रूप निहारि देखथि मैया अपलक रे।।

ललना रे देखू सखी रूप निहारि देखथि मैया अपलक रे।।


दीनघर बसन के दान कि संगे अन्न द्रव दान रे।

दीनघर बसन के दान कि संगे अन्न द्रव दान रे।

ललना रे गोकुला मे नवल विहान बढ़ल नन्द-वंश मान रे।।

ललना रे गोकुला मे नवल विहान बढ़ल नन्द-वंश मान रे।।

सुनू सुनू माय यशोदा जीबहु पूत तोहर रे।

सुनू सुनू माय यशोदा जीबहु पूत तोहर रे।

ललना रे पलना मे डोलथ कन्हैया रचल शिव सोहर रे।।

ललना रे पलना मे डोलथ कन्हैया रचल शिव सोहर रे।।


ललना रे देखू सखी रूप निहारि देखथि मैया अपलक रे।।

ललना रे गोकुला मे नवल विहान बढ़ल नन्द-वंश मान रे।।

ललना रे पलना मे डोलथ कन्हैया रचल शिव सोहर रे।।

Comments

Popular posts from this blog

BRIHASPATIVAR VRAT KATHA AND AARTI

हवन गीत लिरिक्‍स || Havan Geet || होम गीत || Hom Geet || हवन गीत भजन || Havan Geet Bhajan || अमवा की डाली लाई बगिया से तोड़के || Amawa Ki Dali Laayi Bagiya Se Tod Ke